विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
जैसे ही पुलिस वाहन का टायर फटा, उसमें बैठे पुलिसकर्मियों को संतुलन बनाने में मुश्किल हुई। इसी दौरान सरबजीत सिंह ने स्थिति का फायदा उठाया और मौका देखकर पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया। इसके बाद वह तेजी से भागने लगा, जिससे पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आरोपी के फरार होते ही काशीपुर पुलिस को सूचना दी गई और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश के लिए घेराबंदी कर दी गई। पुलिस ने सभी संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर दी, ताकि आरोपी भाग न सके। पुलिस मुठभेड़ में हुआ गिरफ्तार भागने के कुछ घंटों बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी काशीपुर के बाहरी इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। जब पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा, तो उसने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ के दौरान सरबजीत सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह
घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर गिरफ्तार कर लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और इलाज जारी है। हत्या से लेकर गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी बाबा तरसेम सिंह की हत्या पिछले साल हुई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस हत्या के पीछे एक गहरी साजिश थी और इसमें कई लोग शामिल थे। मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह तभी से फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। पंजाब पुलिस और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे आखिरकार गिरफ्तार किया, लेकिन काशीपुर में हुई घटना ने पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में कई अहम खुलासे की संभावना अब जब सरबजीत सिंह पुलिस की गिरफ्त में है, तो माना जा रहा है कि वह कई बड़े खुलासे कर सकता है। पुलिस