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घायलों को पीठ पर बिठाकर बचाने वाला सज्जाद भट कौन? कश्मीरी नागरिक ने सुनाई आपबीती

मुख्य समाचार: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया है।
मंगलवार को हमले में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी गई और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतले जलाए गए।
किच्छा (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया है। मंगलवार को हमले में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी गई और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतले जलाए गए। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्थानीय युवक—सज्जाद अहमद भट—घायलों को अपनी पीठ पर लादकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते नजर
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आ रहा है। यह वीडियो लोगों के दिलों को छू रहा है। कौन हैं सज्जाद अहमद भट? सज्जाद अहमद भट कश्मीर के रहने वाले एक आम नागरिक हैं, जो शॉल बेचने का काम करते हैं। हमले के वक्त वे घटनास्थल के पास ही मौजूद थे। जैसे ही उन्हें आतंकी हमले की जानकारी मिली, वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने न केवल घायलों को पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि
उन्हें पानी भी पिलाया और अस्पताल तक ले गए। वायरल वीडियो में उन्हें एक घायल बच्चे को पीठ पर लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। सज्जाद की आपबीती सज्जाद ने बताया कि उन्हें हमले की सूचना पहलगाम पोनी एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद वान से मिली। इसके बाद वे दोपहर करीब 3 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद दर्दनाक था—लोग चीख रहे थे, मदद की गुहार लगा रहे थे।
उन्होंने कहा, "जो चल नहीं सकते थे, उन्हें हमने उठाया। मानवता सबसे बड़ा धर्म है।" पर्यटकों को देखकर छलक पड़ीं आंखें सज्जाद ने कहा कि पर्यटकों की मदद करना उनका फर्ज है, क्योंकि वे उनके मेहमान हैं और उन्हीं पर उनकी आजीविका निर्भर है। उन्होंने कहा, "जब मैंने पर्यटकों को रोते हुए देखा, तो मेरी आंखों में भी आंसू आ गए। उनके आने से ही हमारे घरों में चूल्हे जलते हैं, दीये रोशन होते हैं। उनके बिना हमारी जिंदगी अधूरी है।"

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

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  • उनके बिना हमारी जिंदगी अधूरी है।
  • उनके आने से ही हमारे घरों में चूल्हे जलते हैं, दीये रोशन होते हैं।