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दो बेटियां और रुद्र की मूर्ति मोही उत्तरा कन्नड़ के रामतीर्थ की पहाड़ियों में एक गुफा में रह रही थी। गुफा के अंदर उसके साथ उसकी दो बेटियां — 6 साल की प्रेया और 4 साल की अमा थीं। इनके साथ सिर्फ एक रुद्र की मूर्ति थी, जिसकी पूजा वह नियमित करती थी। वह पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कटकर रह रही थी। उसका दिन पूजा, ध्यान और योग में ही बीतता था। कैसे हुआ खुलासा? पुलिस को इस महिला की जानकारी तब मिली जब इलाके में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ। पुलिस यह जांचने निकली कि कहीं कोई मलबे में दबा तो नहीं, तभी गश्त के दौरान एक गुफा दिखी। गुफा के बाहर कुछ कपड़े दिखाई दिए। अंदर जाने पर एक बच्ची खेल रही थी, एक सो रही थी और वहीं महिला ध्यान में लीन थी। पास ही रुद्र की मूर्ति रखी थी। पुलिस को यह सब देख कर बेहद आश्चर्य हुआ। वीजा 2017 में ही हो गया था खत्म जांच में पता चला कि महिला 2016 में बिजनेस
वीजा पर भारत आई थी, लेकिन उसका वीजा 2017 में समाप्त हो गया था। इसके बाद भी वह भारत में ही रुक गई और जंगलों में रहने लगी। 2018 में उसने नेपाल की यात्रा की और फिर से वापस भारत लौटकर यहीं छिपकर रहने लगी। इस दौरान न तो उसने अपनी जानकारी कहीं दर्ज कराई और न ही किसी से संपर्क किया। भारत में ही हुआ दोनों बेटियों का जन्म मोही ने बताया कि उसकी दोनों बेटियां भारत में ही पैदा हुई हैं। हालांकि, उसने बेटियों के पिता के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया। जब पुलिस ने उसे बाहर निकलने को कहा, तो उसने साफ इनकार कर दिया। कई बार समझाने के बाद वह बाहर आई। उसने कहा, “मुझे इंसानों से डर लगता है, जानवरों से नहीं।” जब सांपों का डर बताया गया तो बोली, “सांप हमारे दोस्त हैं, हम उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाते तो वे भी हमें नहीं डसते।” प्रकृति के बीच जीवन, बिना किसी सुविधा के मोही ने बताया कि वे झरनों में