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रुद्रपुर: जिला अस्पताल में मरीजों को मिलेगी लिफ्ट की सुविधा

मुख्य समाचार: रुद्रपुर।
जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल में मरीजों और बुजुर्गों को अब लिफ्ट की सुविधा मिलने की उम्मीद जाग गई है।
किच्छा (एजेंसी)। रुद्रपुर। जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल में मरीजों और बुजुर्गों को अब लिफ्ट की सुविधा मिलने की उम्मीद जाग गई है। करीब 19 वर्षों से बंद पड़ी लिफ्टों के बाद अस्पताल में नई लिफ्ट लगाने के लिए 30 लाख रुपये का बजट जिला योजना से स्वीकृत हो चुका है। 19 साल पहले लगी थीं लिफ्ट, लेकिन कभी नहीं हुईं इस्तेमाल 13 दिसंबर 2001 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अजय भट्ट और परिवहन मंत्री तिलकराज बेहड़ की मौजूदगी में हल्द्वानी हाईवे
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विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
किनारे स्थित अस्पताल भवन का शिलान्यास हुआ था। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो लिफ्टें भी भवन में लगाई गईं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते ये कभी चालू ही नहीं हो पाईं। 2006 में भवन के लोकार्पण के समय लिफ्टें लग चुकी थीं, लेकिन 19 साल तक वे पूरी तरह अनुपयोगी रहीं। अधिकांश मरीजों को तो
इन लिफ्टों के अस्तित्व की जानकारी भी नहीं थी। अब जागा प्रशासन, पहली लिफ्ट के लिए स्वीकृत हुआ बजट अस्पताल प्रशासन ने अमर उजाला की 7 मई की रिपोर्ट के बाद इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई। इसके बाद जिला योजना से 30 लाख रुपये की स्वीकृति मिली, जिससे एक लिफ्ट की जगह नई लिफ्ट लगाई जाएगी। दूसरी लिफ्ट के लिए बजट की व्यवस्था बाद
में की जाएगी। आचार संहिता के चलते रुकी टेंडर प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ही बजट स्वीकृत हो गया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया रुकी रह गई। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और लिफ्ट का कार्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी लिफ्ट के लिए भी बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी लिफ्ट के लिए भी बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।
  • अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और लिफ्ट का कार्य आगे बढ़ेगा।
  • आचार संहिता के चलते रुकी टेंडर प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ही बजट स्वीकृत हो गया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया रुकी रह गई।