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तो आंखें नम हो गईं, लेकिन कुछ पल बाद उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता कई साल पहले खत्म हो चुका है, मैं यह शव नहीं ले सकती।” यह कहकर वे वहां से चली गईं। कुछ देर तक माहौल गमगीन रहा। तभी कौशल्या कॉलोनी के लोगों ने आगे बढ़कर इंसानियत का फर्ज निभाया। उन्होंने शिक्षिका का अंतिम संस्कार किया और शाम को सुषमा पंत को मुखाग्नि दी।सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतका की मां ने शव लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद कॉलोनीवासियों को शव सौंपा गया और उन्होंने ही अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा:पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षिका की मौत आग में झुलसने और पेट फटने से हुई। गला दबाने या दम
घुटने के कोई निशान नहीं मिले। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान एक डायरी और पेन बरामद हुआ है। मूल रूप से अल्मोड़ा की रहने वाली और वर्तमान में किच्छा की कौशल्या कॉलोनी फेस-2 में रहने वाली सुषमा पंत सिरोलीकलां प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका थीं। वह पिछले 14-15 वर्षों से यूपी के आजमगढ़ निवासी अजय मिश्रा के साथ रह रही थीं। अजय शिक्षिका का केयरटेकर था और दक्ष चौराहे पर रेस्टोरेंट चलाता है। अजय ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर जब वह कमरे में पहुंचा तो शिक्षिका जली हुई हालत में पड़ी थी। उसने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बुधवार को डॉक्टरों के पैनल