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रुद्रपुर मजार विवाद: हाईकोर्ट ने 24 घंटे में मांगा जवाब, प्रशासन को निर्देश, इलाके में वाहनों की आवाजाही पर रोक

मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
किच्छा (उ.सि.नगर)
22 जून 2025

उत्तराखंड के रुद्रपुर में मजार ध्वस्तीकरण मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जानकारी देने को कहा है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि मजार स्थल पर तब तक वाहनों की आवाजाही रोकी जाए, जब तक अगली सुनवाई नहीं हो जाती। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है। यह मामला उस वक्त उठा जब ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में इंदिरा चौक के पास स्थित सैय्यद मासूम शाह मियां और सज्जाद मियां की मजार को प्रशासन ने सोमवार तड़के बुलडोजर से हटवा दिया। बताया गया कि यह कार्रवाई प्रस्तावित आठ लेन हाईवे परियोजना के तहत की गई। एनएचएआई ने इससे पहले संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। मजार हटाए जाने को लेकर वक्फ अल्लाह ताला की ओर

मुख्य बिंदु / मांगें
  • 1. वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के साथ किया जाए।
  • 2. क्षेत्र के विकास हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
  • 3. जनहित के अधिकारों की पूर्ण रक्षा की जाए।
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विशेष चित्र (टुडे न्यूज़ 9)

त्वरित कार्रवाई की मांग तेज

प्रशासन नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

से याचिका मेंशन की गई, जिस पर कोर्ट ने लंच के बाद सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी और एसएसपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कोर्ट को बताया कि जिस दरगाह को हटाया गया वह 'हजरत मासूम साह दरगाह' थी और यह वक्फ संपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि फरवरी में एनएचएआई ने नोटिस जारी किया था और नियमानुसार मुआवजा भी दिया गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील को निर्देश दिए कि वे दो लोगों के आधार कार्ड, फोटो, ईमेल और फोन नंबर सहित पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं जो मजार की मिट्टी को स्थानांतरित करेंगे। साथ ही, एक शपथपत्र दाखिल कर यह भी बताएं कि मिट्टी को कहां स्थापित किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, जब तक इन निर्देशों का पालन नहीं हो जाता, तब तक मजार स्थल पर

इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष निर्णय लेने का आग्रह किया है ताकि सभी संबंधित पक्षों को नियमानुसार अधिकार प्राप्त हो सकें।