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रुद्रपुर: 2018 में शादी, फिर दहेज के लिए प्रताड़ना... रिंकी हत्याकांड में पति को उम्रकैद

मुख्य समाचार: रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में हुए दहेज हत्या के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी को दहेज मृत्यु और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी माना।
किच्छा (एजेंसी)। रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में हुए दहेज हत्या के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दहेज मृत्यु और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी माना। वहीं, हत्या की धारा 302 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-3 में संदेह
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का लाभ देते हुए उसे दोषमुक्त कर दिया। मामला वर्ष 2018 का है। ट्रांजिट कैंप निवासी रिंकी की शादी बरेली के कमुआ हाफिजगंज निवासी शिशुपाल से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दो लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर रिंकी को प्रताड़ित करते थे। रिंकी के पिता राम विलास ने पुलिस को दी शिकायत में सास, जेठानी और अन्य ससुरालियों
पर बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया था। परिजनों ने मामले को सुलझाने और समझौते की कोशिश भी की, लेकिन आरोप है कि रिंकी का उत्पीड़न जारी रहा। शिकायत के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2022 को शिशुपाल ने रिंकी के साथ मारपीट की थी। इसके अगले दिन सुबह करीब चार बजे मायके वालों को उसकी मौत की सूचना मिली। घटना के बाद पुलिस ने दहेज उत्पीड़न समेत गैर इरादतन
हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 15 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को धारा 304-बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी माना और कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, धारा 302 और धारा-3 में पर्याप्त संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • हालांकि, धारा 302 और धारा-3 में पर्याप्त संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
  • साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को धारा 304-बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी माना और कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 15 गवाह पेश किए गए।