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से अपील की है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग एफडीए आयुक्त एवं स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार स्वयं कर रहे हैं। शहर-शहर जारी निरीक्षण:अभियान का नेतृत्व एफडीए अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं। देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा की टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जौलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों की सर्दी-खांसी की दवाओं को अलग से स्टोर किया पाया गया, जिन्हें मौके पर सील कर दिया गया और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई। सैंपलिंग और कार्रवाई: निरीक्षण के दौरान कुल 11
दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए। अधिकांश विक्रेताओं ने पहले ही प्रतिबंधित सिरप की बिक्री बंद कर दी थी। हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में 7 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया और दो सिरप के नमूने लिए गए। अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी मेडिकल स्टोर्स से कफ सिरप के नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए। स्वास्थ्य सचिव और एफडीए आयुक्त का संदेश:स्वास्थ्य सचिव एवं एफडीए आयुक्त आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के तहत हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एफडीए अपर आयुक्त का बयान:अपर आयुक्त