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तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक कुल 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। पहले 14.9 करोड़ शेयरों की बिक्री की योजना थी, लेकिन बाद में इसमें कटौती की गई। इसी वजह से आईपीओ का कुल आकार भी घट गया है। प्राइस बैंड के निचले स्तर पर निर्गम का आकार लगभग 21,494 करोड़ रुपये और ऊपरी स्तर पर करीब 22,569 करोड़ रुपये आंका गया है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक यह पेशकश 30,000 करोड़ रुपये तक की हो सकती थी। देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO अगर आईपीओ ऊपरी प्राइस बैंड पर सफल होता है तो यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। वर्तमान में यह रिकॉर्ड 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के नाम है। NSE का आईपीओ 2022 में आए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लगभग 21,000 करोड़ रुपये के
आईपीओ को पीछे छोड़ देगा। कर्मचारियों को मिलेगा विशेष लाभ कंपनी ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयर आरक्षित किए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को प्रति शेयर 170 रुपये की छूट भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे रियायती दर पर शेयर खरीद सकेंगे। निवेशकों के लिए आरक्षण आईपीओ में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है। योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) – 50% गैर-संस्थागत निवेशक (NII) – 15% खुदरा निवेशक (Retail Investors) – 35% कई बड़े शेयरधारकों ने घटाई हिस्सेदारी बिक्री रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, कई प्रमुख शेयरधारकों ने अपनी प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री कम कर दी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी पेशकश 2.47 करोड़ शेयरों से घटाकर लगभग 1.60 करोड़ शेयर कर दी है। वहीं एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड ने भी अपनी हिस्सेदारी बिक्री को 1.60 करोड़ शेयर से घटाकर करीब