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ली जाती है जमीन, फिर काटी जाती है अवैध कॉलोनी सूत्रों के अनुसार, भूमाफिया सबसे पहले किसानों से उनकी जमीन लीज़ पर लेते हैं या औने-पौने दामों में खरीदते हैं। इसके बाद उस पर प्लॉटिंग कर कॉलोनी काट दी जाती है। लोगों को झूठे सपने दिखाए जाते हैं कि कॉलोनी में स्कूल, अस्पताल, पार्क आदि होंगे। लेकिन जब कॉलोनी बसने लगती है, तब धीरे-धीरे ये सुविधाजनक भूखंड भी बेच दिए जाते हैं। काशीपुर रोड की कॉलोनी में बिक गए सभी पार्क काशीपुर रोड स्थित एक प्रमुख कॉलोनी में बीते दो वर्षों में सभी पार्कों की रजिस्ट्री रसूखदारों के नाम कर दी गई। कॉलोनी वासियों ने इस पर कई बार रजिस्ट्री कार्यालय, जिला प्रशासन और यहां तक कि कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित कॉलोनी वासी अब माननीय उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी में हैं। बच्चों के खेलने का सपना टूटा, कंस्ट्रक्शन में बदले पार्क
कॉलोनी वासियों का कहना है कि बिल्डर ने बच्चों के खेलने के लिए पार्क बनाए जाने का वादा किया था। लेकिन अब वही पार्क खरीदने वाले रसूखदारों द्वारा वहाँ कच्चे-पक्के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे कॉलोनी की सुंदरता तो नष्ट हो ही रही है, साथ ही बच्चों और बुजुर्गों के लिए खुली हवा में सांस लेने की जगह भी खत्म होती जा रही है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर जबरदस्त नाराजगी है। जब इस मामले में बिल्डर से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका फोन बंद मिला और उनसे संपर्क नहीं हो पाया। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि बिल्डर अब कॉलोनी से पूरी तरह गायब हो चुका है और शिकायतों का कोई जवाब नहीं दे रहा। किच्छा रोड पर भी दोहराई गई कहानी इसी तरह का एक और मामला किच्छा रोड क्षेत्र में सामने आया है, जहां आधा दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में पार्कों की भूमि