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जनसमर्थन से और भी ताकतवर हो गया है. पाकिस्तानी सेना अब बलूचिस्तान में कहीं भी महफूज नहीं है." यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि BLA के मुताबिक, एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है. संगठन का दावा है कि हाल के हफ्तों में 58 लोकेशनों पर 78 से ज्यादा हमले किए गए हैं, जिनमें पाक सेना, खुफिया एजेंसियां और पुलिस थाने सीधे निशाने पर रहे. ऑपरेशन हेरोफ: बलूच प्रतिरोध की नई पहचान BLA के अनुसार, केच, क्वेटा, पंजगुर, नुशकी, मस्तुंग, जमुरान, तोलांगी और कुलुकी जैसे इलाकों में लगातार हमले किए गए हैं. संगठन ने इन हमलों को ‘बलूच प्रतिरोध की लहर’ बताया है और पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का अड्डा घोषित करने की मांग अंतरराष्ट्रीय समुदाय
से की है. हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं- मीर यार का ऐलान इस हमले के कुछ ही दिन बाद बलूच नेता मीर यार बलूच ने एक बड़ा ऐलान कर दिया. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा: "बलूच लोग अब पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं. यह हमारा राष्ट्रीय फैसला है. दुनिया अब चुप नहीं रह सकती—हमारा साथ दो." X (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि बलूचिस्तान को जबरन पाकिस्तान में मिलाया गया था और वहां दशकों से हो रहे मानवाधिकार हनन, अपहरण और सैन्य अत्याचार के खिलाफ अब पूरे बलूच समाज ने विद्रोह का रास्ता चुना है. बलूचिस्तान: एक गुमनाम युद्धभूमि बलूचिस्तान में मीडिया की पहुंच सीमित है, जिससे वहां की हकीकत दुनिया तक