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टैरिफ समयसीमा के आगे झुक जाएंगे।" राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत तभी व्यापार समझौता करेगा जब अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी। गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी दबाव में समझौता नहीं करेगा और न ही कृषि व डेयरी क्षेत्र के हितों से समझौता किया जाएगा। अमेरिका का रुख और भारत की प्रतिक्रिया अमेरिका ने अप्रैल में भारत से आने वाले उत्पादों पर 26% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इस फैसले पर 90 दिनों की मोहलत दी गई थी ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत से हल
निकाला जा सके। लेकिन अब यह समयसीमा 9 जुलाई को समाप्त होने जा रही है। भारत की ओर से प्रमुख आपत्ति मक्का और सोयाबीन जैसे अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने को लेकर है। इसके अलावा अमेरिका की ओर से भारतीय डेयरी सेक्टर में व्यापक पहुंच की मांग भी विवाद का एक बड़ा कारण बनी हुई है। वहीं भारत ने भी बदले में अमेरिका से कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण और रसायन जैसे क्षेत्रों में अधिक बाजार पहुंच की मांग की है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय की टीम, विशेष सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में, वाशिंगटन में बातचीत के लिए कई दिनों तक रुकी रही, लेकिन कोई