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सर्वोपरि मानता है और उसमें ऐसी व्यवस्था है जिससे पीड़ित परिवार हत्यारे को माफ कर सकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद पीड़ित परिवार को नहीं जानते, लेकिन यमन के इस्लामी विद्वानों से संपर्क किया है और उनसे आग्रह किया है कि वे परिवार से बातचीत करें। यमन के विद्वानों से संपर्क, बातचीत शुरू ग्रैंड मुफ्ती के प्रयासों के बाद यमन के कुछ प्रमुख इस्लामी विद्वानों ने पीड़ित परिवार से बातचीत की। विद्वानों ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले में जो भी संभव हो सकेगा, करेंगे। फांसी की तारीख टलने से अब बातचीत के लिए एक नया अवसर मिल गया है। केंद्र
सरकार और पीएमओ को भेजा पत्र View this post on Instagram A post shared by Sheikh Abubakr Ahmad (@sheikhaboobacker) मुफ्ती अबूबकर ने बताया कि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी भारत सरकार को भी दी है और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को इस बाबत पत्र लिखा है। उन्होंने यमन सरकार के उस पत्र को भी इंस्टाग्राम पर साझा किया है जिसमें कहा गया है कि 16 जुलाई को होने वाली फांसी की सजा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और अगली अधिसूचना तक के लिए इसे टाल दिया गया है। हत्या के आरोप में सुनाई गई थी मौत की सजा निमिषा प्रिया,