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अनुसार, 100 mg से अधिक नाइमेसुलाइड इंसानों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इस दवा की लिवर पर संभावित टॉक्सिसिटी और अन्य दुष्प्रभावों को लेकर विश्व स्तर पर जांच चल रही है। सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया। आदेश के मुताबिक, यह प्रतिबंध पूरे देश में तुरंत लागू होगा। हेल्थ मिनिस्ट्री के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि “100 mg से ज्यादा निमेसुलाइड वाले सभी ओरल फॉर्मूलेशन, जो तुरंत रिलीज़ होने वाले डोज़ के रूप में होते हैं, इंसानों के लिए खतरा हो सकते हैं और इसके सुरक्षित विकल्प मौजूद
हैं।” सरकार ने इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है, ताकि लोगों की सेहत को कोई खतरा न हो। इतिहास:नाइमेसुलाइड को लेकर लंबे समय से सुरक्षा चिंताएं रही हैं। 2011 में 12 साल से कम उम्र के बच्चों में इस दवा के उपयोग पर रोक लगाई गई थी। जनवरी 2025 में सरकार ने पशुओं के लिए नाइमेसुलाइड की सभी दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत में नाइमेसुलाइड का बाजार लगभग 497 करोड़ रुपये का है और पिछले 12 महीनों में इसमें 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। दुनिया भर में जांच:नाइमेसुलाइड की लिवर पर संभावित