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कि नेहा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल (पूर्व में ट्विटर, अब 'एक्स') के जरिए ऐसे वीडियो और टिप्पणियां साझा कीं, जिनसे न केवल पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोषों की शहादत पर सवाल उठे, बल्कि समाज में धार्मिक और जातीय वैमनस्य फैलाने की कोशिश भी की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि नेहा के कथित ‘राष्ट्रविरोधी’ बयान पाकिस्तान के मीडिया में वायरल हो गए हैं और उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए किया जा रहा है। दर्ज धाराएं: गंभीर कानूनी नतीजे पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है: धारा 196(1)(a) और (b): धर्म, जाति,
भाषा, नस्ल या समुदाय के आधार पर दुश्मनी या बैर को बढ़ावा देना। धारा 197(1)(a) से (d): संविधान के प्रति अविश्वास फैलाने, नागरिक अधिकारों से वंचित करने के प्रचार, और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले दावे करना। धारा 353(1)(c) और 353(2): जानबूझकर भ्रामक जानकारी, अफवाह या घृणा फैलाने वाले बयान देना। धारा 302: धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास। धारा 152: भारत की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने वाली गतिविधियां। आईटी एक्ट की धारा 69A: सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अवैध सामग्री के प्रसार के लिए। इन धाराओं में से कुछ गैर-जमानती और बेहद गंभीर हैं, जिनमें दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा संभव है। वर्तमान स्थिति और आगे की