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हैं और अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में रहती हैं। उनके इकलौते बेटे नरेश शर्मा और बहू बीना शर्मा की भी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। सरोज शर्मा के साथ मकान में उनकी एक अविवाहित बेटी वंदना शर्मा (56) और पोता साहिल शर्मा उर्फ शानू (31) रहते थे। पुलिस के अनुसार साहिल शर्मा काम धंधा नहीं करता है। दादी सरोज शर्मा को मिलने वाली पेंशन से ही पूरा परिवार पल रहा था। पुलिस के अनुसार साहिल अपनी दादी से कई दिनों से ऑटो खरीदने के लिए पैसों की मांग कर रहा था। दादी सरोज और बुआ वंदना उसे पैसे देने से मना कर रहीं थी। इसी को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार रात भी साहिल का बुआ और दादी से विवाद हुआ था। शुक्रवार सुबह लगभग 5:45 बजे आरोपी साहिल ने अपने कमरे में सो रहीं बुआ के ऊपर हथौड़ी से
एक के बाद एक कई वार किए, जिससे बुआ बेसुध हो गईं। बाद में उन्हें घसीटते हुए बरामदे तक ले गया। इस दौरान वृद्धा सरोज शर्मा ने बेटी को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उनके सिर पर भी हथौड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी साहिल घर के मेन गेट पर ताला लगाकर बरेली में रहने वाली अपनी फुफेरी बहन सीमा के घर चला गया। वहां सीमा के पति सुबोध शर्मा को बताया कि उसने दादी और बुआ को मार दिया। दो लोगों की हत्या की बात सुनकर सुबोध दंग रह गए है और अपने साले विशाल को पूरी जानकारी दी। इसके बाद सुबोध और विशाल आरोपी साहिल को लेकर मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने पर पहुंचे और उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप