TODAY NEWS 9

D I G I T A L   P A P E R
किच्छा, उधम सिंह नगर
हर खबर, आपके शहर की
www.todaynews9.com

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ विधायक तिलकराज बेहड़ का आंदोलन तेज, 17 फरवरी को निकालेंगे ‘अडानी की शव यात्रा’

मुख्य समाचार: किच्छा: उत्तराखंड के कुमाऊं डिवीजन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है।
कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस योजना के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है।
किच्छा (एजेंसी)। किच्छा: उत्तराखंड के कुमाऊं डिवीजन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस योजना के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। उन्होंने 17 फरवरी को किच्छा में ‘अडानी की शव यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। इससे पहले, किच्छा में जब अडानी ग्रुप के कर्मचारी स्मार्ट मीटर
Related News Clip
संबंधित चित्र - टुडे न्यूज़ 9
News Visual
विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
लगाने पहुंचे थे, तब विधायक बेहड़ ने मौके पर पहुंचकर मीटरों को सड़क पर पटककर तोड़ दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन बेहड़ अपने रुख पर कायम हैं और अब इस आंदोलन को और बड़ा रूप देने जा रहे हैं। 17 फरवरी को अडानी की शव यात्रा विधायक तिलकराज बेहड़ ने घोषणा की है
कि 17 फरवरी को किच्छा के इंदिरा गांधी खेल मैदान से श्मशान घाट तक ‘अडानी की शव यात्रा’ निकाली जाएगी और वहां प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र की जनता से इस विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर आम जनता में भी
असंतोष है। विपक्ष इसे महंगाई बढ़ाने और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली योजना बता रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि इससे बिजली बिलों में पारदर्शिता आएगी। लेकिन विधायक बेहड़ इस योजना को जनविरोधी बताते हुए लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 17 फरवरी को इस विरोध प्रदर्शन में कितनी संख्या में लोग जुटते हैं और इसका सरकार पर क्या असर पड़ता है।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • अब देखना यह होगा कि 17 फरवरी को इस विरोध प्रदर्शन में कितनी संख्या में लोग जुटते हैं और इसका सरकार पर क्या असर पड़ता है।
  • लेकिन विधायक बेहड़ इस योजना को जनविरोधी बताते हुए लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
  • वहीं, सरकार का कहना है कि इससे बिजली बिलों में पारदर्शिता आएगी।