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आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसी उपेक्षा के चलते अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। ये हैं कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगे धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया: 1. दुकानों और परिसंपत्तियों को फ्री होल्ड या लीज पर देने की मांग – मंडी समितियों की दुकानों और संपत्तियों को कर्मचारियों व अन्य इच्छुक हितधारकों को फ्री होल्ड करने या लीज पर देने की मांग उठाई जा रही है। 2. अन्य विभागों के कर्मियों का मंडी विभाग में समायोजन – कर्मचारियों ने मांग की कि अन्य विभागों के कर्मियों को भी मंडी विभाग में समायोजित किया
जाए, ताकि विभागीय संरचना को मजबूत किया जा सके। 3. बोर्ड निधि का सही उपयोग – मंडी बोर्ड की निधि को अन्य गैर-जरूरी मदों में खर्च करने के बजाय उचित उपयोग में लाने की मांग की गई। सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पहले भी कई बार शासन-प्रशासन से वार्ता कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के मंडी समिति कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे