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मोहंड गांव तक ही वाहनों को जाने की अनुमति होगी। इसके आगे का मार्ग पूरी तरह वन विभाग के नियंत्रण में रहेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क को औपचारिक रूप से वन विभाग को सौंप दिया है और इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी दे दी गई है, ताकि सभी वाहनों को नए एलिवेटेड कॉरिडोर से होकर भेजा जा सके। वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ के अनुसार, डाटकाली-गणेशपुर एलिवेटेड कॉरिडोर केवल यातायात को सुगम बनाने के लिए नहीं, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह कॉरिडोर बरसाती नदी के ऊपर बनाया गया है, जिससे जंगल के प्राकृतिक मार्ग बाधित नहीं होंगे और वन्यजीवों का आवागमन सुरक्षित रहेगा। पुरानी सड़क बंद होने से जंगल क्षेत्र में मानवीय गतिविधियां भी कम होंगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर शुरू हुआ बड़ा रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट लगातार बढ़ते ट्रैफिक और सड़क हादसों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर व्यापक सड़क सुरक्षा परियोजना शुरू कर दी
है। वर्ष 2020 में इस मार्ग को दो लेन से चार लेन में बदला गया था, लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कई स्थानों पर जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी हुई है। इसी को देखते हुए अब हाईवे को और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सुगम होगा आवागमन।#Uttarakhand#DelhiDehradunExpressway pic.twitter.com/FwFAN9DZDx — Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) April 14, 2026 7 फ्लाईओवर और 44 किलोमीटर सर्विस लेन बनेगी नई योजना के तहत जाखन पुल, जीवनगढ़, मियांवाला, छिद्दरवाला और रायवाला समेत प्रमुख स्थानों पर सात नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इनमें जीवनगढ़ और रायवाला में दो-दो फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं। इस परियोजना का सबसे बड़ा निर्माण मियांवाला से नकरौंदा तक लगभग 2.25 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर होगा। इसके अलावा हाईवे के दोनों ओर लगभग 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे, जिनके स्थान जल्द तय किए जाएंगे। जाम और