विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
की अधिसूचित सीबीआई अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है। ऐसे में हल्द्वानी की अदालत में समानांतर सुनवाई जारी रहने से अधिकार क्षेत्र (जूरिस्डिक्शन) का टकराव और कानूनी प्रक्रिया में जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी आधार पर दोनों मामलों को एक ही अदालत में स्थानांतरित करना उचित माना गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब 'राज्य बनाम बृज बिहारी शर्मा' और 'राज्य बनाम किशन चंद' नामक दोनों मुकदमों की सुनवाई देहरादून स्थित विशेष सीबीआई अदालत में होगी। ये मामले वर्ष 2022 में विजिलेंस इस्टेब्लिशमेंट, हल्द्वानी (नैनीताल सेक्टर) द्वारा दर्ज एफआईआर से संबंधित
हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामलों को एक ही अदालत में स्थानांतरित करने से निष्पक्ष, प्रभावी और सुचारू सुनवाई सुनिश्चित होगी तथा अलग-अलग अदालतों में समानांतर कार्यवाही से उत्पन्न होने वाली तकनीकी और प्रक्रियात्मक बाधाओं से भी बचा जा सकेगा। सीबीआई की चार्जशीट में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तत्कालीन निदेशक समेत आठ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में तत्कालीन कॉर्बेट निदेशक राहुल, कालागढ़ टाइगर रिजर्व डिवीजन के तत्कालीन उप वन संरक्षक (DCF) किशन चंद, तत्कालीन डीएफओ अखिलेश तिवारी और सोनानदी-पाखरो रेंज के तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी बृज बिहारी