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लाइसेंस बनवाए और बाद में उन्हें उत्तराखंड में स्थानांतरित कर वैध लाइसेंस की तरह इस्तेमाल किया। इन सूचनाओं के आधार पर जिलेभर में विशेष जांच अभियान शुरू किया गया। पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां एसएसपी ने बताया कि काशीपुर क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दो मामलों का पहले ही खुलासा किया जा चुका है। इन मामलों में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद पूरे जिले में बाहरी राज्यों से जारी शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच शुरू की गई। एसएसपी अजय गणपति के कुशल निर्देशन में 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिन्हित, 94 लाइसेंस पुलिस कब्जे में, 119 शस्त्र कराए गए जमा ➡️ बाहरी राज्यों एवं गैर जनपदों से बनाए गए संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों पर ऊधम सिंह नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई#UKPoliceStrikeOnCrime #uttarakhandpolice pic.twitter.com/L8HsnirGik — Udham Singh Nagar Police Uttarakhand (@UdhamSNagarPol) July 14,
2026 2001 से 2026 तक के लाइसेंस खंगाले गए जांच के दौरान वर्ष 2001 से 2026 तक जारी सभी शस्त्र लाइसेंसों का रिकॉर्ड खंगाला गया। इस प्रक्रिया में 678 ऐसे लाइसेंस चिन्हित हुए, जो अन्य राज्यों से जारी किए गए थे और वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले में उपयोग किए जा रहे थे। इनकी जांच के लिए जिला स्तर पर तीन विशेष सत्यापन टीमें गठित की गईं। इनमें दो टीमें रुद्रपुर और काशीपुर सर्किल में जांच कर रही हैं, जबकि तीसरी टीम अन्य राज्यों और जिलों से जारी लाइसेंसों का सत्यापन कर रही है। 94 लाइसेंस संदिग्ध, 119 हथियार जमा अब तक 678 में से 626 शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा चुका है। जांच के दौरान 94 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इन लाइसेंसों से जुड़े 119 हथियार भी संबंधित धारकों से लेकर थानों में