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है कि चेक बाउंस मामलों में अब समन केवल डाक या पुलिस के माध्यम से भेजना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा। सर्कुलर में कहा गया है कि शिकायत दर्ज करते समय शिकायतकर्ता को आरोपी का सही ईमेल आईडी और WhatsApp नंबर उपलब्ध कराना होगा। साथ ही, दी गई जानकारी की सत्यता प्रमाणित करने के लिए एक अनिवार्य हलफनामा भी दाखिल करना होगा। समन जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक शिकायत के साथ निर्धारित फॉर्मेट में एक सिनॉप्सिस संलग्न करना अनिवार्य होगा,
जिसे कोर्ट स्टाफ कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करेगा। आरोपी को समन जारी करने से पहले BNNS की धारा 223 के तहत किसी अतिरिक्त प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में राहत की दिशा में एक और कदम उठाते हुए ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी शुरू की है। सॉफ़्टवेयर में एक नया ड्राफ्ट टेम्प्लेट जोड़ा गया है, जो ‘कॉज ऑफ एक्शन’ से जुड़े लिमिटेशन पीरियड की स्वतः गणना करेगा। समन में अब ऑनलाइन पेमेंट लिंक का स्पष्ट उल्लेख होगा, जिससे आरोपी सीधे भुगतान कर सकेगा। आरोपी CNR नंबर या