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पास वाहन के पास पाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हल्द्वानी और फिर भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। परिवार का दावा है कि मृतक ने अपनी मौत के लिए राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया और इसके नाम सुसाइड नोट में लिखे। ग्रामीणों का प्रदर्शनसोमवार शाम लगभग 5 बजे महेश जोशी का शव बरेली से लालकुआं कोतवाली लाया गया। इसकी सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण कोतवाली परिसर में जमा हो गए और मृतक को न्याय दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सुसाइड नोट में नामित राजस्व कर्मचारियों
पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। धरने में ग्राम प्रधान रुक्मणी नेगी, वरिष्ठ समाजसेवी हेमवती नंदन दुर्गापाल, कमल भंडारी, इंदर सिंह बिष्ट, रमेश जोशी, राधा कैलाश भट्ट, उमेश फुलारा, मुकेश दुम्का और पीयूष जोशी समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। चार घंटे तक कोतवाली में अड़े ग्रामीणलालकुआं कोतवाल दिनेश सिंह फर्त्याल और अन्य पुलिस अधिकारी भीड़ को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन ग्रामीण पटवारी की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। बाद में हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम लालकुआं, पुलिस क्षेत्राधिकारी और क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। गिरफ्तारी का वीडियो कॉल पर प्रदर्शनग्रामीणों के दबाव के बाद पुलिस ने