TODAY NEWS 9

D I G I T A L   P A P E R
किच्छा, उधम सिंह नगर
हर खबर, आपके शहर की
www.todaynews9.com

उत्तराखंड में मदरसों की अब जुमे की छुट्टी नहीं होगी, धामी सरकार ने लिया फैसला

मुख्य समाचार: देहरादून।
उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बीच अब शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने का निर्देश दिया गया है।
किच्छा (एजेंसी)। देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बीच अब शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने का निर्देश दिया गया है। धामी सरकार का कहना है कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसों को अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना होगा। सरकार के इस फैसले के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। मदरसे अब विद्यालयों के नियमों के दायरे में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, पंजीकृत मदरसों को अब विद्यालयों के रूप में मान्यता दी जा रही है। ऐसे में उन्हें
Related News Clip
संबंधित चित्र - टुडे न्यूज़ 9
News Visual
विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
शिक्षा विभाग और प्राधिकरण के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मदरसों में शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण राज्य में मदरसा बोर्ड की व्यवस्था समाप्त कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को नियमन के दायरे में लाया गया है। इस व्यवस्था के तहत मुस्लिम, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध समुदायों के शिक्षण संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहले 452 मदरसे मान्यता प्राप्त थे। इनमें से दोबारा आवेदन करने वाले 76 मदरसों को प्राधिकरण ने विद्यालय के रूप में मान्यता दी है, जबकि 114 मदरसों के आवेदन शिक्षा विभाग के
पास लंबित हैं। चार जिलों में कितने मदरसों को मिली मान्यता? प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, प्रदेश के चार जिलों में मदरसों को मिली मान्यता का विवरण इस प्रकार है: देहरादून: 41 में से 6 मदरसों को मान्यता मिली। हरिद्वार: 270 में से 44 मदरसों को मान्यता मिली। नैनीताल: 18 में से 2 मदरसों को मान्यता मिली। ऊधम सिंह नगर: 119 में से 24 मदरसों को मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और प्राधिकरण की अनुमति के बिना संबंधित संस्थानों का संचालन नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 250 अवैध मदरसे किए गए सील: सचिव अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि
सरकार के आदेश पर पहले चरण में 250 अवैध मदरसों को सील किया गया था। उनके मुताबिक, ये ऐसे संस्थान थे जो मदरसा बोर्ड में भी पंजीकृत नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर पढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई थी। मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहती है, जिसमें सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और सभी शिक्षण संस्थानों के लिए समान नियम लागू हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को राज्य में संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शुक्रवार की छुट्टी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संबंधित मदरसे शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं, इसलिए उन पर भी अन्य विद्यालयों की तरह समान नियम लागू होंगे।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • शुक्रवार की छुट्टी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संबंधित मदरसे शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं, इसलिए उन पर भी अन्य विद्यालयों की तरह समान नियम लागू होंगे।
  • उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को राज्य में संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहती है, जिसमें सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और सभी शिक्षण संस्थानों के लिए समान नियम लागू हों।