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ने मेडिकल रिपोर्ट देखी, तो उसमें डॉ. बृजराज उइके का नाम देखकर वह चौंक गए। जब उन्होंने अस्पताल से उस डॉक्टर से मिलने की कोशिश की, तो उन्हें टालमटोल किया गया। इसके बाद मनोज ने खुद जांच शुरू की और जो पता चला, वह हैरान करने वाला था। रिपोर्ट में जिन बृजराज उइके का नाम था, असल में वह एक पेंटर निकले। उनसे संपर्क करने पर पता चला कि वह डॉक्टर नहीं बल्कि पुताई का काम करते हैं और अस्पताल में लगी डॉक्टर की तस्वीर उनके स्कूल के दोस्त सत्येंद्र सिंह की है। पेंटर के नाम पर MBBS की पढ़ाई पेंटर बृजराज उइके ने बताया कि सत्येंद्र सिंह ने कई साल पहले मदद के बहाने उनसे उनकी 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और जाति प्रमाण पत्र लिए थे, यह कहकर कि वह उनकी पढ़ाई
में मदद करेगा। लेकिन उसने उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से MBBS में दाखिला लिया और डॉक्टर बन गया। अब वह उन्हीं कागज़ों के आधार पर अस्पताल में डॉक्टर बनकर काम कर रहा था। इस खुलासे के बाद रेल अधिकारी मनोज महावर ने ओमती थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आरोपी की तलाश जारी, पुलिस ने दर्ज किया केस सीएसपी सोनू कुर्मी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर सत्येंद्र सिंह की तलाश की जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिन दस्तावेजों से मेडिकल की पढ़ाई की गई, वे बृजराज उइके के हैं, जो कि खुद मजदूरी करते हैं। महिला की मौत के मामले में भी जांच जारी है। अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की सफाई इस मामले पर मार्बल सिटी हॉस्पिटल के