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गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस जांच शुरू की और पुलिस ने 10 अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है और जांच को सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया केंद्र स्तर पर पेंडिंग है। LUCC घोटाले की प्रमुख बातें LUCC के संस्थापक: गिरीश चंद्र बिष्ट (ग्राम पिंगला, कौसानी, बागेश्वर)। राज्य में 37 शाखाएं खोली गईं और दो डायरेक्टर व 37 ब्रांच मैनेजर नियुक्त किए गए। कंपनी ने अपने विज्ञापनों और मीटिंग्स में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और फिल्मी सितारों की तस्वीरें लगाकर निवेशकों को आकर्षित किया। निवेशकों को उच्च रिटर्न का लालच देकर
करोड़ों रुपए का निवेश करवाया गया। 29 सितंबर 2024 को सभी शाखाएं बंद कर दी गईं, जिससे निवेशक तनाव में आ गए। LUCC ने उत्तराखंड के अलावा 8 अन्य राज्यों में भी निवेश और रिटर्न के वादे किए। कंपनी कृषि मंत्रालय के तहत पंजीकृत थी और उसके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे। पीड़ितों की आवाज़ पीड़ित रोशनी गौड़ ने बताया कि LUCC ने पूरे प्रदेश में लगभग 25,000 एजेंट बनाए, जिन्होंने निवेश करवाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 60 लाख रुपये का निवेश किया है। वहीं सुशीला नेगी ने बताया कि उन्होंने 22 लाख का निवेश किया, जिसमें से 6 लाख उनके खुद के