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हिस्सा लिया। अधिवेशन में फेडरेशन के अध्यक्ष बी. एस. शर्मा ने कहा कि उनकी मुख्य मांग एलपीजी डिलीवरी पर मिलने वाले कमीशन में वृद्धि है, जो मौजूदा परिचालन लागत के अनुरूप नहीं है। क्या हैं वितरकों की प्रमुख मांगें? फेडरेशन द्वारा केंद्र सरकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजे गए मांग पत्र में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए गए हैं: डिलीवरी कमीशन में वृद्धि: एलपीजी वितरकों को वर्तमान में प्रति सिलेंडर जो कमीशन मिलता है, वह उनकी परिचालन लागत — जैसे कि डिलीवरी स्टाफ की सैलरी, परिवहन, रखरखाव और सुरक्षा खर्च — को कवर नहीं
कर पा रहा है। वितरकों की मांग है कि यह कमीशन कम से कम ₹150 प्रति सिलेंडर किया जाए। गैर-घरेलू गैस सिलेंडरों की जबरन आपूर्ति पर रोक: वितरकों ने आरोप लगाया कि तेल कंपनियां बिना मांग के गैर-घरेलू (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडर वितरकों को भेज रही हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक बोझ और कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। फेडरेशन ने इसे तत्काल रोकने की मांग की है। उज्ज्वला योजना से जुड़ी समस्याएं: वितरकों का कहना है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में विलंब, अनियमित भुगतान और जमीनी स्तर पर