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“भगवान हनुमान हमारे भी हैं” — मंदिर के पास शराब की दुकान के विरोध में मुस्लिम समाज ने उठाई आवाज

मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
किच्छा (उ.सि.नगर)
14 जून 2025

ख़बर पड़ताल ब्यूरो:- हनुमान मंदिर के पास शराब की दुकान का विरोध, मुस्लिम समुदाय भी उतरा सड़क पर।   उत्तर प्रदेश के बलिया में धार्मिक सौहार्द्र की मिसाल देखने को मिली है। हनुमान मंदिर के पास स्थित शराब की दुकान को लेकर विरोध तेज हो गया है। अब इस विरोध में मुस्लिम समुदाय भी खुलकर सामने आ गया है। समुदाय के लोगों ने मंदिर के बाहर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अल्लाह से प्रार्थना की कि मंदिर के पास से शराब की दुकान हटा दी जाए। बलिया शहर के मवेशी अस्पताल रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास एक शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया है। इस विरोध की शुरुआत स्थानीय हिंदू समाज ने की थी। हनुमान जयंती पर मंदिर को ताले में बंद कर, काले कपड़े से ढक दिया गया। पूजा-पाठ भी रोक दी गई। अब मुस्लिम समाज के लोग भी मंदिर के सम्मान की लड़ाई में कंधे से...

मुख्य बिंदु / मांगें
  • 1. वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के साथ किया जाए।
  • 2. क्षेत्र के विकास हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
  • 3. जनहित के अधिकारों की पूर्ण रक्षा की जाए।
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विशेष चित्र (टुडे न्यूज़ 9)

त्वरित कार्रवाई की मांग तेज

प्रशासन नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कर खड़े हो गए हैं।आज मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर बैठे और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “भगवान हनुमान हमारे भी हैं। मंदिर के पास शराब की दुकान होना अस्वीकार्य है।” अतहर अली, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि: "हम मुसलमान हैं लेकिन हमेशा मंदिर के आयोजनों में शामिल होते आए हैं। आज मंदिर पर काला कपड़ा देखकर दिल दुख गया। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द शराब की दुकान हटाई जाए, ताकि महिलाओं को पूजा करने में कोई दिक्कत न हो।” स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह शराब की दुकान मंदिर से काफी दूर थी, लेकिन धीरे-धीरे नजदीक आ गई। अब यह महज 20 मीटर की दूरी पर है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा हो रही है। बलिया में धार्मिक एकता और भाईचारे की यह तस्वीर साफ दिखा

इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष निर्णय लेने का आग्रह किया है ताकि सभी संबंधित पक्षों को नियमानुसार अधिकार प्राप्त हो सकें।