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रुद्रपुर में बाल श्रम का भंडाफोड़: प्रतिष्ठान संचालक पर मुकदमा दर्ज, कानूनी कार्रवाई जारी

मुख्य समाचार: ख़बर पड़ताल ब्यूरो:- रुद्रपुर में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के तहत रुद्रपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक प्रतिष्ठान में नाबालिग श्रमिक को काम करते हुए पाया गया।
मामले में श्रम प्रवर्तन अधिकारी की तहरीर पर प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
किच्छा (एजेंसी)। ख़बर पड़ताल ब्यूरो:- रुद्रपुर में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के तहत रुद्रपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक प्रतिष्ठान में नाबालिग श्रमिक को काम करते हुए पाया गया। मामले में श्रम प्रवर्तन अधिकारी की तहरीर पर प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ
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एफआईआर दर्ज की गई है। श्रम विभाग का संयुक्त अभियान उप श्रम आयुक्त उधमसिंहनगर के निर्देशानुसार 7 फरवरी से 27 फरवरी 2025 तक बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 फरवरी 2025 को श्रम विभाग, चाइल्डलाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और एनजीओ की संयुक्त टीम ने रुद्रपुर में निरीक्षण
अभियान चलाया। नाबालिग श्रमिक मिलने पर कार्रवाई अभियान के दौरान इंद्रा चौक स्थित मैसर्स उत्तराखंड चिकन बिरयानी प्रतिष्ठान में 14 वर्ष से कम आयु के एक नाबालिग श्रमिक को कार्यरत पाया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी बलराम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर प्रतिष्ठान संचालक गुलाम मोहम्मद पुत्र मुजीबुर रहमान के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम की धारा-3
एवं 14 के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। संज्ञेय अपराध में होगी कानूनी कार्रवाई बाल श्रम अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान में नियोजित करना संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट:- साक्षी सक्सेना

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • रिपोर्ट:- साक्षी सक्सेना 
  • श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • संज्ञेय अपराध में होगी कानूनी कार्रवाई बाल श्रम अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान में नियोजित करना संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध है।