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की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई। किच्छा निवासी अलीना मलिक की ओर से दायर याचिका में चुनाव संपन्न होने के बाद मतगणना कराए जाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना स्थगित किए जाने को लेकर सवाल उठाया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अब मतगणना को लेकर आगे की प्रक्रिया निर्धारित करेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मतगणना की तारीख और समय के संबंध में आयोग की ओर से नई अधिसूचना जारी किया जाना बाकी है। क्या था
पूरा मामला? किच्छा नगर पालिका से सिरौलीकलां क्षेत्र को अलग कर नई नगर पालिका गठित किए जाने को लेकर पहले से ही न्यायालय में कानूनी विवाद चल रहा था। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनों नगर पालिकाओं में चुनाव कार्यक्रम जारी किया और 22 सितंबर को मतदान कराया गया। हालांकि मतदान से पहले ही मतगणना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी और बाद में आयोग ने मतगणना स्थगित करने संबंधी संशोधित अधिसूचना जारी की थी। मतदान के बाद मतगणना रोकने के फैसले को चुनौती देते हुए अलीना मलिक ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी याचिका पर सुनवाई के