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ऑफ ओपन लर्निंग का अंतिम वर्ष का छात्र है। परिजनों का आरोप है कि 20 जुलाई को पुलिस कार्रवाई के दौरान उसकी दाईं आंख में छर्रे जैसी वस्तु लगी, जिससे आंख की पुतली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद साहिल को पहले लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी आंख की रोशनी बचाने की कोशिश जारी है, हालांकि रोशनी लौटने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। साहिल की मां ज्योति ने दावा किया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि बेटे की दाईं आंख की रोशनी वापस आने की संभावना मात्र एक प्रतिशत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंख में पैलेट जैसा छर्रा लगने से यह गंभीर चोट हुई। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी आधिकारिक चिकित्सकीय रिपोर्ट या जांच से पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस में भर्ती का था सपना परिजनों के मुताबिक साहिल का सपना दिल्ली पुलिस में हेड
कॉन्स्टेबल बनना था। वह कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ग्रुप-बी और ग्रुप-सी परीक्षाओं में भी शामिल हो चुका था और भर्ती की तैयारी कर रहा था। बताया गया कि वह शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन में रुचि रखता था और लगातार दो दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हो रहा था। संसद मार्च के दिन भी वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद था, जहां यह हादसा हुआ। दूसरे घायल प्रदर्शनकारी की हुई सर्जरी इसी पुलिस कार्रवाई में घायल शेख इरशाद का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मंगलवार शाम उनकी सर्जरी की गई। इरशाद मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। जानकारी के मुताबिक, वह पासपोर्ट और वीजा संबंधी कार्य से झंडेवालान आए थे और बाद में प्रदर्शन में शामिल हो गए। इरशाद और उनके साथियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके चेहरे, गर्दन और शरीर पर 20 से