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ठोस कोशिश करे तो निमिषा को राहत मिल सकती है।” सैमुअल ने यह भी बताया कि उन्होंने तलाल के परिवार को क्षमा याचना का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। यदि तलाल का परिवार माफ कर देता है, तो निमिषा की फांसी रोकी जा सकती है। क्या है पूरा मामला? निमिषा प्रिया कोच्चि की रहने वाली हैं। वह साल 2008 में 19 वर्ष की उम्र में नर्स की नौकरी के लिए यमन गई थीं। वहां उसकी मुलाकात तलाल अब्दो मेहदी से हुई, जिसने उसे क्लीनिक खोलने में मदद का वादा किया। लेकिन बाद में वह वादा तोड़ कर उसे प्रताड़ित करने लगा। इसके
बावजूद निमिषा ने अपनी क्लीनिक खोल ली और कामयाबी की ओर बढ़ने लगी। 2017 में हालात बिगड़ गए। तलाल उसकी तरक्की से जलने लगा और उस पर शारीरिक व मानसिक अत्याचार करने लगा। वह पैसों की मांग करता और इंकार करने पर हिंसा करता। तंग आकर निमिषा ने यमनी पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद तलाल को जेल भेजा गया। जेल से छूटने के बाद तलाल ने बदला लेने के मकसद से निमिषा का पासपोर्ट जब्त कर लिया। पासपोर्ट वापस पाने के लिए निमिषा ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया, लेकिन ओवरडोज के कारण तलाल की मौत हो गई। डर के मारे उसने अपने सहयोगी हनान