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किच्छा के सरकारी राशन गोदाम से कई सस्ता गल्ला दुकानदार अपनी दुकानों के लिए निर्धारित अनाज का पूरा उठान नहीं कर रहे हैं। वे गोदाम से कम मात्रा में राशन उठाकर सरकारी रिकॉर्ड में पूरा दिखा देते हैं और बचे हुए अनाज को सीधे मिल मालिकों और आढ़तियों को बेच देते हैं। इस धांधली में गोदाम के एसएमआई की अहम भूमिका बताई जा रही है, जो मिलीभगत कर अनाज को बाजार में भेजने की अनुमति देता है। इस तरह गरीबों के लिए भेजा गया राशन कालाबाजारी की भेंट चढ़ रहा है। कई बार हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी जारी है खेल उधम सिंह नगर जिला पहले
भी राशन की कालाबाजारी को लेकर सुर्खियों में रहा है। इससे पहले भी कई बार जिला पूर्ति विभाग (डीएसओ) ने ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई की है और कई दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। लेकिन हर बार नए तरीके से यह अवैध कारोबार दोबारा शुरू हो जाता है। किच्छा में चल रहे इस नेटवर्क ने अब बड़े स्तर पर अपना जाल फैला लिया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा— होगी जांच इस मामले पर जब जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) विपिन कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। लेकिन यदि ऐसा हो रहा है