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का मुख्य दायित्व शिक्षा, अनुसंधान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देना है। ऐसे में उन्हें संस्थान की पूर्व अनुमति के बिना राजनीतिक गतिविधियों या सार्वजनिक राजनीतिक चर्चाओं में शामिल नहीं होना चाहिए। एडवाइजरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोई भी छात्र या कर्मचारी मीडिया अथवा सार्वजनिक मंच पर ऐसा बयान या राय व्यक्त न करे, जिससे संस्थान और केंद्र सरकार या किसी अन्य संस्था के बीच संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो। हालांकि यह एडवाइजरी सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स
ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला कदम बताते हुए इसकी आलोचना की और इसे "मज़लिंग ऑर्डर" (मुंह बंद करने वाला आदेश) करार दिया। इस विवाद के बीच IIT रुड़की ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कोई नया निर्देश या नई नीति नहीं है। संस्थान के अनुसार यह एक आंतरिक सलाह (Internal Advisory) है, जिसे प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को संस्थान के मौजूदा आचरण नियमों की जानकारी देने के उद्देश्य से नियमित रूप से जारी किया जाता है। संस्थान की प्रवक्ता ने कहा