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नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। इसके बाद वर्ष 2021 में दोनों ने कोर्ट मैरिज की और फिर 2 दिसंबर 2022 को परिजनों की सहमति से बिना दान-दहेज हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। मीडिया से बातचीत में गुलशन का कहना है कि वह आर्मी में भर्ती की तैयारी कर रहा था, दिन में मजदूरी करता और रात में पढ़ाई करता था। उसका दावा है कि उसने पायल की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया, जिसके बाद वर्ष 2023 में वह सब-इंस्पेक्टर बनीं। गुलशन के अनुसार, बरेली में पोस्टिंग के बाद दोनों के रिश्तों में दूरी आने लगी और इसी बीच 13 नवंबर 2025 को पायल ने हापुड़ के पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 10 लाख रुपये नकद और कार की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया, मारपीट हुई और तेजाब
डालकर जान से मारने की धमकी तक दी गई। एसपी के निर्देश पर सदर कोतवाली पुलिस ने पति गुलशन, ससुर नरेंद्र कुमार, सास गीता, देवर कमल, भाभी कोमल, ननद सलोनी और बहनोई रिंकू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दूसरी ओर, गुलशन ने एसपी को पत्र भेजकर खुद को बेगुनाह बताया है। उसका कहना है कि यह प्रेम विवाह था और शादी में किसी भी प्रकार का दहेज नहीं लिया गया। उसका आरोप है कि पत्नी के सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद व्यवहार में बदलाव आया और अब उसे झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। वहीं, पायल रानी ने पति के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने यह मुकाम अपनी मेहनत और काबिलियत से हासिल किया है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार साधारण पृष्ठभूमि से है और माता-पिता ने मजदूरी कर बच्चों को पढ़ाया। उन्होंने खुद ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई पूरी की और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। पायल