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ज्योति को भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस पर कुछ संदिग्ध लोगों से संपर्क और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है, जिससे ये कहा जा सके कि ज्योति ने सैन्य या रणनीतिक जानकारी लीक की है। जांच अब भी जारी है। क्या बरामद किया गया? पुलिस ने ज्योति के पास से: 3 मोबाइल फोन 1 लैपटॉप और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा, कुरुक्षेत्र
निवासी हरकीरत, जो वीज़ा सेवा से जुड़ा है, उससे भी पूछताछ हुई है। उसके 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, लेकिन फिलहाल उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। जांच एजेंसियों की नजर में, लेकिन कोई सीधा लिंक नहीं ज्योति इस समय 5 दिन की पुलिस रिमांड में है। जांच में केंद्रीय एजेंसियों की भी भागीदारी है, लेकिन अभी तक किसी एजेंसी ने उसे अपनी हिरासत में नहीं लिया है। पुलिस का कहना है कि – उसके किसी आतंकी संगठन से संबंध के प्रमाण नहीं मिले हैं। न ही किसी PIO (पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी) से शादी या धर्म परिवर्तन की पुष्टि हुई