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शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने सैकड़ों बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें इजरायल पर दागीं। कुछ मिसाइलें इजरायल की रक्षा प्रणाली को पार कर सैन्य और नागरिक इलाकों में गिरीं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान पर G7 का तीखा रुख G7 नेताओं ने अपने बयान में ईरान को "आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता का मुख्य स्रोत" करार देते हुए साफ किया है कि वे किसी भी हालात में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसा प्रस्ताव चाहते हैं जिससे मिडिल
ईस्ट में युद्ध का विस्तार न हो और गाजा सहित पूरे क्षेत्र में युद्धविराम हो। बयान में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया गया है और यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार की दिशा में कोई भी कदम बढ़ाया, तो उस पर कड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की जाएगी। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस पहले ही इसको लेकर ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। नेतन्याहू को मिला समर्थन, ईरान पर गहराया दबाव G7 का यह संयुक्त बयान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आक्रामक रणनीति को और बल देता है। नेतन्याहू अब ईरान के