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ऑपरेशन सिंदूर का पूरा ब्योरा: कर्नल सोफिया कुरैशी (भारतीय थलसेना) और विंग कमांडर व्योमिका सिंह (भारतीय वायुसेना) ने बताया— PoK से पाकिस्तान तक कहां-कहां हुए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे हमले

मुख्य समाचार: नई दिल्ली: भारतीय सेना ने बुधवार को एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से 'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी साझा की।
थलसेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया।
किच्छा (एजेंसी)। नई दिल्ली: भारतीय सेना ने बुधवार को एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से 'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी साझा की। थलसेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया। ऑपरेशन में सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान की सीमा के भीतर स्थित कुल नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। कर्नल कुरैशी के अनुसार, यह कार्रवाई 6 से 7 मई की दरमियानी रात 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच की गई। इन सभी टारगेट्स का चयन खुफिया एजेंसियों
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से मिली विश्वसनीय जानकारी के आधार पर किया गया ताकि आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को गहरी चोट दी जा सके। PoK में नष्ट किए गए आतंकी शिविर सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद: यह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र था, जो एलओसी से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग हमलों के आतंकियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी। सैदना बिलाल कैंप: जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया, जहां हथियारों का भंडारण, विस्फोटकों की तैयारी और जंगल युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी। फूलपुर कैंप, पोटली: यह लश्कर का बेस कैंप था, जो राजौरी और पुंछ क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में प्रयुक्त होता था। यह एलओसी से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बरनाला कैंप, भींबर: यह शिविर एलओसी से महज 9 किलोमीटर दूर था, जहां आतंकियों को हथियार संचालन और जंगल में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी। अब्बास कैंप, पोटली: यह लश्कर का आत्मघाती दस्ते (फिदायीन) का प्रशिक्षण केंद्र था, जिसकी क्षमता 15 आतंकियों की थी। यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर स्थित था। पाकिस्तान के भीतर भी चार आतंकी ठिकाने बने निशाना   बहावलपुर: यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, जिसे इस हमले में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। मुरिदके: यह लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ था, जहां 26/11 मुंबई हमलों में शामिल आतंकियों और डेविड हेडली को प्रशिक्षण दिया गया था। यह स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 25 किलोमीटर दूर है। सरजल, सियालकोट: यह शिविर सियालकोट अंतरराष्ट्रीय सीमा
से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित था। यहां मार्च 2025 में जम्मू-कश्मीर पुलिस पर हमले की तैयारी की गई थी। मेहमूना जोया: यह हिजबुल मुजाहिदीन का ट्रेनिंग कैंप था, जहां से पठानकोट एयरबेस पर हमले की साजिश रची गई थी। सेना ने पेश किए सबूत #WATCH | #OperationSindoor, Col. Sofiya Qureshi says, "Operation Sindoor was launched to give justice to victims of Pahalgam terrorist attack. Nine terrorist camps were targeted and destroyed." pic.twitter.com/8nbLHN6a3k — ANI (@ANI) May 7, 2025 कर्नल सोफिया कुरैशी ने इन अभियानों के प्रमाण स्वरूप वीडियो फुटेज भी प्रस्तुत किए, जिनसे स्पष्ट होता है कि यह ऑपरेशन पूरी तरह सटीक योजना और सामरिक समन्वय के साथ अंजाम दिया गया। सेना का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और आतंक के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • सेना का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और आतंक के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा।
  • सेना ने पेश किए सबूत #WATCH | #OperationSindoor, Col. Sofiya Qureshi says, "Operation Sindoor was launched to give justice to victims of Pahalgam terrorist attack. Nine terrorist camps were targeted and destroyed." pic.twitter.com/8nbLHN6a3k — ANI (@ANI) May 7, 2025 कर्नल सोफिया कुरैशी ने इन अभियानों के प्रमाण स्वरूप वीडियो फुटेज भी प्रस्तुत किए, जिनसे स्पष्ट होता है कि यह ऑपरेशन पूरी तरह सटीक योजना और सामरिक समन्वय के साथ अंजाम दिया गया।
  • मेहमूना जोया: यह हिजबुल मुजाहिदीन का ट्रेनिंग कैंप था, जहां से पठानकोट एयरबेस पर हमले की साजिश रची गई थी।