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से मिली विश्वसनीय जानकारी के आधार पर किया गया ताकि आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को गहरी चोट दी जा सके। PoK में नष्ट किए गए आतंकी शिविर सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद: यह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र था, जो एलओसी से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग हमलों के आतंकियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी। सैदना बिलाल कैंप: जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया, जहां हथियारों का भंडारण, विस्फोटकों की तैयारी और जंगल युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी। फूलपुर कैंप, पोटली: यह लश्कर का बेस कैंप था, जो राजौरी और पुंछ क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में प्रयुक्त होता था। यह एलओसी से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बरनाला कैंप, भींबर: यह शिविर एलओसी से महज 9 किलोमीटर दूर था, जहां आतंकियों को हथियार संचालन और जंगल में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी। अब्बास कैंप, पोटली: यह लश्कर का आत्मघाती दस्ते (फिदायीन) का प्रशिक्षण केंद्र था, जिसकी क्षमता 15 आतंकियों की थी। यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर स्थित था। पाकिस्तान के भीतर भी चार आतंकी ठिकाने बने निशाना बहावलपुर: यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, जिसे इस हमले में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। मुरिदके: यह लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ था, जहां 26/11 मुंबई हमलों में शामिल आतंकियों और डेविड हेडली को प्रशिक्षण दिया गया था। यह स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 25 किलोमीटर दूर है। सरजल, सियालकोट: यह शिविर सियालकोट अंतरराष्ट्रीय सीमा