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यूपी की मतदाता सूची से हुआ सत्यापन पहले अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन उत्तराखंड के पांच जिलों के मतदाताओं का उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से सत्यापन किए जाने के कारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया। इस प्रक्रिया के तहत दोहरे नाम और मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियों का सत्यापन किया गया। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अनुसार अब मतदाता सूची का डेटा फ्रीज हो चुका है और इसमें किसी तरह का बदलाव संभव नहीं है। हालांकि, जो पात्र मतदाता प्रक्रिया के दौरान सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे आगे फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्री-SIR से अब तक लाखों नाम हटे
मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान के तहत आयोग की ओर से लगातार सत्यापन किया गया। प्री-SIR चरण में करीब पांच लाख ऐसे नाम हटाए गए थे, जिनमें मतदाता स्थानांतरित हो चुके थे या जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद SIR के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए और मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद भी बड़ी संख्या में नामों को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालिया जानकारी के मुताबिक प्री-SIR और SIR के दौरान कुल करीब 13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। हालांकि, अंतिम तस्वीर 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक SIR