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और उन्हें लेकर वह किसी तरह की व्यक्तिगत नाराजगी नहीं रखते। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में बच्चे जन्म लेते हैं और आने वाली पीढ़ी की अपनी आकांक्षाएं हैं। यही युवा आगे भारत को दुनिया में नई ऊंचाई तक ले जाएंगे। प्रधान ने कहा कि उनके लिए मंत्री पद से ज्यादा देश और युवाओं का भविष्य महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री से बात कर अपने पद से हटने की पेशकश की थी। ओडिशा में नवीन पटनायक पर साधा निशाना रायराखोल में एक कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘वापस जाओ’ के नारों से वह परेशान नहीं हैं। एयरपोर्ट के पास बीजेडी की युवा और छात्र इकाइयों द्वारा किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं और अगर कोई उन्हें वापस जाने के लिए कहता है
तो वह वापस आने के लिए तैयार हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े। इस पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘नहीं’ में जवाब दिया। ‘मैंने कभी राज्य को बदनाम करने वाला काम नहीं किया’ धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भले ही वह राज्य का नाम रोशन करने का दावा न करें, लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी ओडिशा के लोगों को बदनाम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे। प्रधान ने यह भी कहा कि करीब 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से उन्हें केंद्रीय मंत्री बनने का अवसर मिला था। BJD के विरोध के बीच कार्यक्रम में पहुंचे प्रधान प्रधान ने बताया कि बीजेडी के विरोध को देखते हुए उन्होंने ओडिशा