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बानी रुक्न, ने अकैडमी ऑफ़ अराईं स्टडीज़ एंड रिसर्च सोसाइटी की तारीख़, उसके क़ियाम के मक़ासिद और हिंदुस्तान भर की अराईं बिरादरी के लिए एक मुश्तरका तालीमी इदारे के ख़्वाब पर रौशनी डाली। मोहम्मद आज़म, जनरल सेक्रेटरी, ने मुजव्विज़ा स्कूल की डीपीआर (Detailed Project Report) पेश करते हुए ज़मीन, बुनियादी ढाँचे, तालीमी विज़न और फ़ंड रेज़िंग हिकमत-ए-अमली की तफ़सीलात बयान कीं। प्रोग्राम के चीफ़ गेस्ट जनाब ख़तीब अहमद, चेयरमैन उत्तराखंड हज कमेटी, ने इस पहल को क़ौम की तालीमी और समाजी तरक़्क़ी की जानिब एक अहम क़दम क़रार दिया और हर मुमकिन तावुन का यक़ीन दिलाया। जनाब अकील अहमद साहब, सीनियर मेंबर, दिल्ली, ने अपने ख़यालात का इज़हार करते हुए अराईं अकैडमी ऑफ़ एक्सीलेंस के मुजव्विज़ा स्कूल के क़ियाम के लिए नेक तमन्नाओं का इज़हार किया। उन्होंने इस तालीमी मनसूबे की कामयाबी के लिए दुआ की और उम्मीद ज़ाहिर की कि यह इदारा आने वाली नस्लों की तालीमी और अख़लाक़ी तरबियत में अहम किरदार अदा करेगा। मोहम्मद ताविश मलिक, ख़ज़ांची, ने अकैडमी की माली रिपोर्ट पेश करते हुए आमदनी, अख़राजात और माली पेशरफ़्त से हाज़िरीन को आगाह किया। मोहम्मद इमरान अहमद, यूनिटी फ़ार्म, किच्छा, ने अराईं अकैडमी ऑफ़ एक्सीलेंस के क़ियाम को क़ौम की तालीमी बेदारी की एक अहम पहल क़रार दिया। उन्होंने अकैडमी को हर मुमकिन माली, फ़िक्री और अमली तावुन देने का भरोसा दिलाया तथा अवाम से अपील की कि वे इस तालीमी मिशन को कामयाब बनाने के लिए आगे आएँ। मास्टर मक़सूद ने दीनी और असरी तालीम के इम्तिजाज को वक़्त की अहम ज़रूरत क़रार दिया। मोहतरमा इफ़्फ़त मसूद ने वालिदैन, ख़ुसूसन माओं, से अपील की कि वे बच्चों की तालीम में फ़आल किरदार अदा करें। मेहमान-ए-एज़ाज़ मोहम्मद हमीद, बरेली, ने कहा कि अराईं अकैडमी का तालीमी मिशन पूरी बिरादरी के मुस्तक़बिल से जुड़ा हुआ है और इसकी कामयाबी हम सबकी मुश्तरका ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे अकैडमी और उसके तालीमी मक़ासिद के लिए हमेशा तैयार हैं तथा
हर मुमकिन तावुन करते रहेंगे। उन्होंने मुक़ाबलाती इम्तिहानात की तैयारी के लिए ख़ुसूसी कोचिंग और रहनुमाई मराकिज़ क़ायम करने की भी तजवीज़ पेश की। मोहम्मद अय्यूब, किच्छा, ने इस तालीमी मिशन की अहमियत पर ज़ोर देते हुए माली तावुन का ऐलान किया। प्रोफेसर नुज़हत परवीन, साबक़ डीन, फ़ैकल्टी ऑफ़ लॉ, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, और गेस्ट ऑफ़ ऑनर, ने ख़ुसूसन लड़कियों की तालीम और पेशेवर मैदानों में उनकी नुमाइंदगी बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। डॉ. इरम मलिक, असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रिंस सत्ताम बिन अब्दुलअज़ीज़ यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब, और गेस्ट ऑफ़ ऑनर, ने ख़वातीन की आला तालीम और पेशेवर तरक़्क़ी की हौसला-अफ़ज़ाई की। तनज़ील अहमद, समाजी कारकुन, मुरादाबाद, ने मुस्तक़िल माली वसाइल के लिए मुनज़्ज़म तावुन के निज़ाम की तजवीज़ पेश की। डॉ. मोहम्मद रियाज़ ने बिरादरी में बढ़ते हुए तालीमी शऊर को ख़ुशआइंद क़रार देते हुए अपनी इल्मी मुआवनत की पेशकश की। डॉ. ताबिश मलिक (सऊदी अरब), डॉ. आसिम मलिक (हल्द्वानी), मोहम्मद यूनुस (पीलीभीत) तथा मोहम्मद दानिश मलिक (किच्छा) ने भी अपने विचार रखे और तालीम, इत्तेहाद, ज़िम्मेदारी तथा आने वाली नस्लों के बेहतर मुस्तक़बिल के लिए तालीमी इदारे के क़ियाम की अहमियत पर ज़ोर दिया। प्रोग्राम में सफ़ियत नसीम, सफ़ूरा अहमद, सलीना रहमान और रक्शी असद ने भी अपने तालीमी और पेशेवर तजुर्बात साझा किए और तलबा व तालिबात को आला तालीम हासिल करने की तरग़ीब दी। प्रोग्राम के दूसरे इजलास की निज़ामत मोहतरमा सबा परवीन, इंजीनियर, एमसीआरसी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली, ने ख़ुश उस्लूबी से अंजाम दी। प्रोग्राम की कामयाब तंज़ीम दिल्ली चैप्टर और अकैडमी की इंतिज़ामिया कमेटी की मुश्तरका कोशिशों का नतीजा थी जिसकी क़ियादत मोहम्मद यूसुफ़ ने की। अकैडमी उनकी मेहनत, लगन और मुअस्सिर क़ियादत को ख़िराज-ए-तहसीन पेश करती है। दिल्ली चैप्टर की तंज़ीमी कमेटी में डॉ. (साबक़ प्रोफेसर) मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अहमद, ताहिर मलिक, शकील अहमद, मोहम्मद नईम, ख़तीब अहमद (इंजीनियर, ग़ाज़ियाबाद), शहाना रहमान, सबा परवीन, नासिर हुसैन, शादाब अहमद, शहज़ाद अहमद, मोहम्मद अराफात, अब्दुल वासिद और