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की कानूनी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। CJP ने किया जंतर-मंतर पर दोबारा पहुंचने का दावा कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उसके कार्यकर्ता कड़ी बैरिकेडिंग के बावजूद जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल के अंदर पहुंच गए। संगठन ने इस घटनाक्रम को अपनी वापसी बताते हुए लिखा, “Fortress Jantar Mantar has been reclaimed”, जिसका अर्थ है कि जंतर-मंतर पर फिर से पहुंच बना ली गई है। सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना ए जोर कितना बाजुएं कातिल में है। — Cockroaches of India (@CJP_for_India) October 13, 2026 पार्टी ने यह भी दावा किया कि उसके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन स्थल पर तिरंगा लहराया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि संगठन के कार्यकर्ता सुबह-सुबह जंतर-मंतर पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए विरोध की आवाज को दबाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की। अभिजीत दीपके ने वकील से मुलाकात की अनुमति देने की मांग की CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने उम्मीद जताई कि दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को अपने वकील से बात करने की अनुमति देगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को 24 घंटे तक वकील से मिलने से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। दीपके के मुताबिक, उनके साथ
भी पहले ऐसा हो चुका है। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को वकील से संपर्क करने की सुविधा देने की मांग की। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल घोषित करने का फैसला बना विवाद की वजह यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है। सरकार की ओर से जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध स्थल के रूप में निरस्त करने और पूर्वी दिल्ली के रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान तथा सीबीडी मैदान को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए नए स्थल घोषित किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया है। CJP और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से जारी है विरोध प्रदर्शन CJP ने शनिवार, 10 अक्टूबर को चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के विरोध में जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का प्रयास किया था। इस दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया और कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई। CJP नेताओं, विपक्षी नेताओं, छात्रों, वकीलों और पत्रकारों समेत बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। इनमें से कई लोगों को कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया। Hingoli, Maharashtra: CJP founder Abhijeet Dipke says, "We hope