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को दी गई शिकायत के अनुसार, पीयूष शर्मा लगातार उन्हें और विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर दबाव बना रहा था। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी एक छात्रा के शैक्षणिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा था, जबकि उसका छात्रा के अभिभावक या अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि आरोपी ने कई बार धमकीपूर्ण फोन कॉल किए और अधिकारियों पर अपने पक्ष में निर्णय लेने का दबाव बनाया। व्हाट्सएप पर भेजे गए कथित धमकी भरे ऑडियो शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मनीष मदान को व्हाट्सएप पर कथित तौर पर धमकी भरे ऑडियो संदेश
भेजे गए। इन संदेशों में गंभीर चेतावनियां दी गईं। आरोप है कि एक ऑडियो में यह तक कहा गया कि "यदि दो-तीन लोग खत्म भी हो जाएं, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।" इस कथित धमकी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पांच विषयों में बैक होने का मामला प्रेमनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित छात्रा पांच विषयों में अनुत्तीर्ण (बैक) हुई है। पुलिस के अनुसार, इसी शैक्षणिक मामले को लेकर आरोपी विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। चीन से संचालित नंबरों के मिले संकेत