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दिन के भीतर पूरा एस्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कई स्कूल भवन पूरी तरह या आंशिक रूप से जर्जर हो चुके हैं, जिससे छात्रों की जान को खतरा बना हुआ था. इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी. शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में कुल 104 स्कूलों की जांच की गई, जिनमें 79 स्कूल पूरी तरह जर्जर पाए गए हैं, जबकि 17 स्कूल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं और उनमें मरम्मत की आवश्यकता है. वहीं आठ स्कूल ऐसे हैं, जिनमें ध्वस्तीकरण
की आवश्यकता नहीं पाई गई. जिलाधिकारी ने बताया कि पहले ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए थे कि जर्जर स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षण सत्र के दौरान किसी तरह का जोखिम न हो. इसी के तहत 63 स्कूलों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था कर ली गई है और इन्हें तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाएगा. जिन विद्यालयों में फिलहाल वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां पहले वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे और उसके बाद ही भवनों को गिराया जाएगा. आंशिक रूप से जर्जर स्कूल भवनों