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के निर्देश पर तत्काल जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि निम्न मध्यम वर्ग के विस्थापित पहाड़ी दंपति की जमीन पर अवैध निर्माण और खेती की जा रही थी, जिससे वे लंबे समय से परेशान थे। संयुक्त टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने अटक फार्म पुनर्वास स्थल पर पहुंचकर भूखंड संख्या 15, 16, 17, 27, 28 और 29 का निरीक्षण किया। स्वीकृत नक्शों और राजस्व अभिलेखों से मिलान करते हुए खसरा संख्या 301, 302 और 303 का सत्यापन किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि टिहरी परियोजना से
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए विधिवत खरीदी गई थी। अवैध कब्जे का खुलासा, तुरंत कार्रवाई संयुक्त जांच में पाया गया कि स्वर्गीय कुंदन लाल जोशी के वारिसों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा कर गन्ने की खेती की जा रही थी। प्रशासन ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण और खेती को हटवाया तथा भूखंड संख्या-29 सहित अन्य प्लॉट संबंधित लाभार्थियों को सौंप दिए। कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता सुमेर चंद और अन्य परिवारों को विधिवत कब्जा दिलाया गया। वर्षों से लंबित समस्या का समाधान होने पर प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली और जिला प्रशासन का आभार जताया। डीएम सविन बंसल का स्पष्ट