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कि उन्हें वर्तिका आनंद नाम की महिला का फोन आया। उसने खुद को वेंचुरा सिक्योरिटीज लिमिटेड के सीईओ हेमंत की सहायक बताया और शेयर बाजार में निवेश पर बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया। 4 नवंबर 2025 को उन्हें एक व्हाट्सएप लिंक भेजा गया, जिसके माध्यम से वे “नेक्स्टजैन कैपिटल नेटवर्क” नामक ग्रुप से जुड़ गए। इस ग्रुप में 148 सदस्य और आठ एडमिन थे। पीड़ित के अनुसार, प्रतिदिन शाम 8 बजे ‘हेमंत’ नामक व्यक्ति शेयर बाजार से जुड़ी विशेषज्ञ सलाह देता था। प्रोफाइल और मोबाइल नंबर के जरिए खुद को कंपनी का सीईओ दिखाकर भरोसा कायम किया
गया। वीआईपी ग्रुप और फर्जी ऐप का खेल 5 नवंबर 2025 को पीड़ित को एक ‘वीआईपी व्हाट्सएप ग्रुप’ में जोड़ा गया, जहां वन-टू-वन निवेश की बात कही गई। अन्य सदस्यों को कथित तौर पर हो रहे मुनाफे को देखकर रिटायर्ड कर्नल ने भी निवेश करने का निर्णय लिया। इसके बाद ठगों ने उन्हें “वेंटसेक प्रो” नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कराया और लॉगइन आईडी-पासवर्ड दिया। इसी एप के जरिए निवेश और बढ़ते मुनाफे का फर्जी प्रदर्शन किया गया। धीरे-धीरे अलग-अलग किश्तों में कुल 11.20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पीड़ित ने रकम निकालने का