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परिसर की गहन चेकिंग के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद पुनः प्रवेश की अनुमति दी गई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर सतर्कता बेहद जरूरी है। रविवार से जारी है धमकियों का सिलसिला रविवार 16 फरवरी से प्रदेश के कई जिला न्यायालयों को इसी तरह की धमकियां मिल रही हैं। पहले नैनीताल जिला न्यायालय और उत्तरकाशी जिला न्यायालय को धमकी मिली। इसके बाद पिथौरागढ़, टिहरी, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार के न्यायालयों को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। हरिद्वार कोर्ट में बढ़ाई गई सुरक्षा रोशनाबाद स्थित हरिद्वार जिला न्यायालय को भी आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 18 फरवरी की सुबह
बीडीएस और पुलिस टीम ने पूरे परिसर की बारीकी से जांच की, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद अतिरिक्त पुलिस बल और इंटेलिजेंस कर्मियों की तैनाती की गई है। 17 फरवरी को न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा संदेश भेजा था। मेल में न्यायाधीश के चैंबर में विस्फोटक लगाने का दावा करते हुए दोपहर तक परिसर खाली कराने की चेतावनी दी गई थी। साथ ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उल्लेख करते हुए उसे रोकने जैसी बातें भी लिखी गई थीं। साइबर जांच तेज, सत्यापन अभियान शुरू एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, अब तक की जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में