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दुकानदार के बेटे को 'बेटा' कहने पर दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, 9 गिरफ्तार, 1 नाबालिग हिरासत में

मुख्य समाचार: गुजरात के अमरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दलित युवक को केवल इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने एक नाबालिग लड़के को ‘बेटा’ कहकर पुकारा था।
गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान भावनगर के अस्पताल में मौत हो गई।
किच्छा (एजेंसी)। गुजरात के अमरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दलित युवक को केवल इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने एक नाबालिग लड़के को ‘बेटा’ कहकर पुकारा था। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान भावनगर के अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने अब तक इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। विधायक जिग्नेश मेवाणी ने जताया विरोध इस घटना के विरोध में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी मृतक निलेश राठौड़ के परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा,
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“निलेश राठौड़ की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि उन्होंने एक बच्चे को ‘बेटा’ कह दिया था। जातिवादी सोच के लोगों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। हम मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार और उनके साथ मार झेलने वाले तीन अन्य लोगों को 5 एकड़ जमीन या सरकारी नौकरी दी जाए, जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से हो और केस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चले।” कैसे हुआ हमला? 16 मई को अमरेली-सावरकुंडला रोड पर निलेश राठौड़ अपने साथियों के साथ एक भजिया स्टॉल के पास खड़े थे। वे पास की दुकान से स्नैक्स लेने गए, जहां उन्होंने दुकानदार के बेटे से कहा, “बेटा, क्या तुम्हें ऊपर से पैकेट निकालने में मदद चाहिए?” इस बात पर दुकानदार भड़क गया और राठौड़
पर लोहे की कड़छी से हमला करने की कोशिश की। जानलेवा हमला और जातिसूचक गालियां मामला समझाने के लिए लालजी मंसुख चौहान दुकान पर पहुंचे, लेकिन वहां भी दुकानदार ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। एफआईआर के मुताबिक, विजय आनंद टोता नामक व्यक्ति ने भी हमला किया। बाद में दुकानदार ने अन्य लोगों को बुलाया और निलेश राठौड़, उनके चाचा सुरेश व अन्य लोगों पर डंडों और हसियों से हमला किया गया। साथ ही जातिसूचक गालियां भी दी गईं। हमलावरों ने पीछा करते हुए कहा, “नीची जाति के होकर ऊपर उठने की कोशिश कर रहे हो।” हमले को एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बीच-बचाव कर रोका। एफआईआर में गंभीर धाराएं अमरेली ग्रामीण थाने में दर्ज एफआईआर में
शुरुआत में चार आरोपियों – भरवाड़, विजय टोता, भावेश मुंधवा और जतिन मुंधवा – के नाम दर्ज किए गए। बाद में जांच में हमलावरों की संख्या 11 पाई गई। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जैसे: धारा 118(1) – गंभीर चोट पहुंचाना धारा 115(2) – जानबूझकर हमला धारा 189(2)(4) – गैरकानूनी भीड़ धारा 190 – भीड़ के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी SC/ST एक्ट और गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 भी लागू की गई है। पुलिस का बयान अमरेली के एसपी संजय खरात ने बताया, “एफआईआर में नामित चार आरोपियों में से एक की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि कुल 11 लोग हमले में शामिल थे। अब तक 9 को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 की तलाश जारी है।”

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • अब तक 9 को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 की तलाश जारी है।
  • पुलिस का बयान अमरेली के एसपी संजय खरात ने बताया, “एफआईआर में नामित चार आरोपियों में से एक की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि कुल 11 लोग हमले में शामिल थे।