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मांग करती रही है। केवल सीबीआई जांच की घोषणा से न्याय सुनिश्चित नहीं होगा। यदि जांच न्यायिक निगरानी में नहीं हुई, तो यह अधूरी ही मानी जाएगी और अंकिता को कभी न्याय नहीं मिल पाएगा। हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनदबाव के चलते सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में ही सीबीआई जांच सार्थक हो सकती है। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने यह मुद्दा सदन में भी उठाया था, जहां सरकार की ओर से वीआईपी को केवल एक कमरे तक सीमित बताया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक
कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी:इसी दौरान हरिद्वार में अंकिता भंडारी प्रकरण, भाजपा नेत्री रही अनामिका शर्मा की बेटी से जुड़े दुष्कर्म मामले और अवैध शराब की बिक्री के विरोध में यूथ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के तहत भाजपा विधायक मदन कौशिक के आवास का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच केवल सीबीआई को सौंपना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग