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जोड़ दिया गया। ग्रुप की एडमिन यालिनी गुहा ने खुद को स्टैंडर्ड चार्टर्ड सिक्योरिटीज की टीम का सदस्य बताया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित को एक एडवांस्ड ग्रुप में जोड़ा गया, जहां गौरव दुआ नामक व्यक्ति खुद को प्रोफेसर बताकर स्टॉक्स और आईपीओ में निवेश के टिप्स देता था। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई रकम ग्रुप में मौजूद अन्य सदस्य लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे, जिससे पीड़ित का भरोसा बढ़ता गया। ठगों ने निवेश सीमा और सेबी नियमों का हवाला देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 34.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम गाजियाबाद, पुणे, सिकंदराबाद और विजयवाड़ा स्थित विभिन्न फर्मों के खातों में जमा कराई गई। निकासी की कोशिश
पर खुला राज 6 फरवरी 2026 को जब पीड़ित ने अपने एप से 40 लाख रुपये निकालने का अनुरोध किया तो उसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद ग्रुप एडमिन ने सर्विस फीस के नाम पर 10.93 लाख रुपये और जमा करने की मांग की। पीड़ित द्वारा इनकार करने पर उसे ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया, जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा साइबर क्राइम कंट्रोल के एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है। वहीं एसएसपी एसटीएफ Ajay Singh ने लोगों से सतर्क रहने की अपील